देश के सबसे चर्चित परिवारों में से एक परिवार धीरू भाई अंबानी का है। बेशक धीरू भाई अंबानी अब हमारे बीच में नहीं रहे, मगर अपने पीछे वह अपना बड़ा सा परिवार छोड़ गए हैं।

हालांकि, इस परिवार के कुछ सदस्‍य बेहद पॉपुलर हैं तो कई ऐसे भी हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं।

अंबानी परिवार का जब जिक्र आता है तो हमेशा मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी का ही नाम लाइमलाइट में रहता है। 

अब तो इस परिवार की महिलाएं भी लाइमलाइट में नजर आने लगी हैं, जिनमें नीता अंबानी, टीना अंबानी, श्‍लोका मेहता और ईशा अंबानी के चर्चे तो आए दिन होते रहते हैं।

वर्ष 1978 की बात है जब धीरू भाई अंबानी अपने परिवार के साथ मुंबई की सबसे ऊंची बिल्डिंग उषा किरण की 22वीं मंजिल में रहा करते थे। इसी बिल्डिंग की 14वीं मंजिल में एक दूसरे फेमस बिजनेसमैन वासुदेव सल्गाओकर भी अपने परिवार के साथ रहते थे।

उस दशक में अंबानी की तरह ही सल्गाओकर का भी देश के बड़े बिजनेसमैन की लिस्‍ट में नाम लिया जाता था। 

एक ही बिल्डिंग में साथ रहते-रहते जहां धीरू भाई अंबानी और वासुदेव सल्गाओकर में दोस्‍ती हो गई वहीं मुकेश अंबानी और वासुदेव सल्गाओकर के सबसे छोटे बेटे दत्‍तराज सल्गाओकर भी दोस्‍त बन गए। 

दोनों परिवारों का एक दूसरे के घर आना जाना शुरू हो गया। दत्‍तराज और दीप्ति को पहली नजर में ही एक दूसरे से प्‍यार हो गया था। मुकेश और दत्‍तराज की दोस्‍ती जैसे-जैसे गहरी होती गई वैसे-वैसे दत्‍तराज और दीप्ति का प्‍यार भी गहरा होता गया।

दोनों ने ही बिना किसी देरी के अपने घरवालों को सारी बात बता दी। यह बात जान कर दोनों के ही घरवालों ने इस रिश्‍ते को मंजूरी दे दी। 5 साल के कोर्टशिप पीरियड के बाद वर्ष 1983 में दत्‍तराज और दीप्ति की शादी हो गई।

एक मीडिया हाउस को दिए पुराने इंटरव्‍यू में दत्‍तराज ने बताया था, ' यह दीप्ति के घर की पहली शादी थी और मेरे घर की आखिरी क्‍योंकि मैं 7 भाई बहनों में सबसे छोटा था।'

वासुदेव सल्गाओकर के गुजर जाने के बाद दत्‍तराज ने पिता का सेट किया हुआ कुछ बिजनेस आगे बढ़ाया और इसमें उनका साथ दिया धीरूभाई अंबानी ने। अपने पिता की तरह ही दत्‍तराज भी आज एक सफल बिजनेसमैन हैं।

दीप्ति के साथ शादी के बाद दत्‍तराज ने गोवा में अपने पुश्‍तैनी घर में रहने का फैसला लिया। तब से दीप्ति अपने परिवार के साथ वही सेटल हैं।

आपको बता दें कि दत्‍तराज नॉर्थ गोवा के निवासी हैं, कोंकणी होने के कारण उनके परिवार के रीति-रिवाज भी अलग हैं। जब दीप्ति शादी के बाद ससुराल आईं तो वह अपनी सास से बात भी नहीं कर पाती थीं क्‍योंकि वह केवल कोंकणी भाषा ही जानती थीं।

मगर दीप्ति को पिता धीरू भाई अंबानी से हमेशा यही सीख मिली कि बदलावों को स्‍वीकार करना और उनके साथ तालमेल बैठाना सफल जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए दीप्ति ने कोंकणी भाषा सीखी।

इतना ही नहीं, मुंबई की लाइफ छोड़ कर गोवा में सेटल होना दीप्ति के लिए आसान नहीं था। मगर दत्‍तराज और उनके परिवार ने दीप्ति को पूरा सपोर्ट किया। धीरू भाई अंबानी भी अपनी बेटी से तब फैक्‍स मशीन के द्वारा बातचीत किया करते थे।

आपको बता दें कि दत्‍तराज और दीप्ति का गोवा में एक अपना बनवाया हुआ खूबसूरत घर भी है, जहां वह हफ्ते में एक बार जाती हैं।

वैसे तो दीप्ति सल्गाओकर होममेकर हैं और दत्‍तराज वीएम सल्गाओकर ग्रुप ऑफ कंपनी के मालिक हैं, जो कई चीजों में डील करती है। दीप्ति भी कभी-कभी अपने पति के बिजनेस में उनकी मदद करती हैं। 

अंबानी परिवार में दीप्ति और दत्‍तराज को सभी बहुत पसंद करते हैं। जहां दत्‍तराज और मुकेश अंबानी अच्‍छे दोस्‍त हैं, वहीं नीता अंबानी भी अपनी ननद दीप्ति से बहुत प्‍यार करती हैं। ईशा अंबानी और इशेता सल्गाओकर को भी कई मौकों पर साथ देखा जाता है।

बेहद ग्लेमरस दिखने वाली नीता अंबानी का फिटनेस सीक्रेट जानिए